“गढ़वाल से कुमाऊं अब बस एक पुल की दूरी पर!” सिंगटाली को मिली हरी झंडी

अजमल शाह
अजमल शाह

उत्तराखंड के लोगों के लिए एक बड़ी राहत और खुशी की खबर है! गढ़वाल और कुमाऊं को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित सिंगटाली पुल अब सिर्फ कागज़ों में नहीं रहेगा, बल्कि जल्द हक़ीक़त बनकर खड़ा होगा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पुल के लिए 57 करोड़ रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।

कहाँ बन रहा है ये पुल और क्यों है इतना खास?

यह पुल कौड़ियाला–व्यासघाट मोटर मार्ग के किमी 01 पर, गंगा नदी पर प्रस्तावित है।

  • कुल लंबाई: 150 मीटर

  • कुल लागत: ₹57.05 करोड़

  • स्थान: यमकेश्वर विधानसभा, पौड़ी गढ़वाल

यह पुल गढ़वाल-कुमाऊं के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करेगा और दोनों क्षेत्रों के बीच यात्रा को आसान बना देगा।

मुख्यमंत्री की घोषणा से लेकर मंजूरी तक की यात्रा

मुख्यमंत्री धामी ने इस पुल की घोषणा पहले ही कर दी थी। अब इस पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली व्यय–वित्त समिति ने भी मुहर लगा दी है। शासन ने प्रमुख अभियंता लोनिवि को औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं — यानी अब निर्माण शुरू होने में कोई अड़चन नहीं।

अब देर नहीं, निर्माण होगा फास्ट ट्रैक पर

सरकार की योजना है कि इस पुल का निर्माण कार्य तेज़ी से प्रारंभ किया जाए और निर्धारित समय में पूरा भी किया जाए। इससे स्थानीय जनता को बेहतर सड़क सुविधा, व्यापारिक संभावनाओं में बढ़ोतरी और पर्यटन को भी बल मिलेगा।

जनता की पुरानी मांग अब पूरी होने को है

सिंगटाली पुल की मांग लंबे समय से की जा रही थी। यह केवल एक पुल नहीं, बल्कि लोगों के वर्षों पुराने संघर्ष, उम्मीद और जरूरत का प्रतीक बन गया था।

“अब बैरियर नहीं, ब्रिज बनेगा!”

“गढ़वाल वाले अब कुमाऊं वालों से कहेंगे — चाय पीनी हो तो सीधे पुल पार कर आ जाओ!”

क्योंकि अब बात बैरियर हटाने की नहीं, ब्रिज बनाने की है।

विकास की ओर पुल का अगला कदम

सिंगटाली पुल उत्तराखंड में एक और बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर माइलस्टोन साबित हो सकता है। यह सिर्फ दो क्षेत्रों को जोड़ने का काम नहीं करेगा, बल्कि लोगों के दिलों को भी करीब लाएगा

“जहाँ रास्ते बनते हैं, वहीं विकास दौड़ता है।”

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